सामान्य डेंटल जानकारी

यह आरंभिक ई-लर्निंग डेंटल मोड्यूल विभिन्न डेंटल टीम सदस्यों का संक्षिप्त परिचय करवाता है |

पाठ्यक्रम का परिचय यह आरंभिक ई-लर्निंग डेंटल मोड्यूल विभिन्न डेंटल टीम सदस्यों का संक्षिप्त परिचय करवाता है | अगला सेक्शन, मुंह और दांतों की विभिन्न संरचनाओं को विस्तार से समझाता है | आगे, यह मोड्यूल दो मुख्य डेंटल रोगों के बढ़ने के बारे में जिसके कारण दांत गिरते हैं और विभिन्न नंबरिंग सिस्टम के बारे में बतात्ता है | इस मोड्यूल के समाप्त होने पर, लर्नर यह जान जायेंगे :

  • डेंटल टीम के विभिन्न सदस्यों की भूमिका और कार्य
  • मुंह में पाए जाने वाले दांतों के प्रकार
  • सामान्य डेंटल रोग
 

Curriculum For This Course

दंत चिकित्सा की सभी मूल बातें सिखाई जाएंगी। पाठ्यक्रम में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

रोगी की देखभाल के लिए क्लिनिक या लेबोरेटरी में साथ काम करने वाले सभी सदस्यों के बारे में इस सेक्शन में बताया जाएगा।

सबसे सामान्य प्रकार की डेंटल समस्याएँ का उपचार सामान्य डेंटिस्ट द्वारा किया जाता है और समस्याएँ ज्यादा बढ़ जाने की हालत में जाँच डेंटल विशेषज्ञ द्वारा की जाती है, जो कि अपने-अपने काम में विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं।

डेंटल असिस्टेंट की जिम्मेदारी है कि वह डेंटिस्ट को समय से, प्रभावी रूप से, सुरक्षित तरीके से डेंटल प्रक्रिया में सहयोग दे। डेंटल असिस्टेंट उपचार के लिए तैयारी करने और रोगी को सहयोग देने में मदद करता है।

यह डेमो विडियो डेंटल असिस्टेंट की एक सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बारे में बताता है। डेंटल असिस्टेंट की जिम्मेदारी है कि डेंटल उपचार के पहले, दौरान व बाद में रोगियों को आरामदायक हालत में रखने में सहायता करे।

मुँह और इसके विभिन्न हिस्से एक साथ काम करते है ताकि हम सांस ले सके, बोल सके, भोजन खा व पचा सकें। यह सेक्शन मुँह के भीतर और चारों ओर की संरचना से परिचय करवाता है।

दांत विभिन्न स्ट्रक्चर्स से बना होता है जो इसे इसके अनोखे गुण देते है।

मनुष्यों के कई प्रकार के दांत होते हैं जो ना केवल भोजन को चबाने व पचाने में बल्कि अच्छे से बोलने, विश्वास के साथ मुस्कराने, और शरीर का कुल स्वास्थ्य बनाए रखने में हमारी सहायता करते हैं।

इस सेक्शन में हम मनुष्यों में विभिन्न प्रकार के डेंटिशन के बारे में सीखेंगे

दो सबसे सामान्य प्रकार के डेंटल रोग, जिनके कारण दांत नष्ट होते हैं व गिरते हैं, वे दांतों की सड़न एवं पेरियोडोंटल रोग हैं।

ये नंबरिंग सिस्टम एक रोगी के दांतों के स्वास्थ्य की जानकारी का रिकॉर्ड रखने और अन्य ऑरल हेल्थ प्रोफेशनल्स के साथ अच्छे से जानकारी साझा करने के काम आता है। एडल्ट दांतों एवं बच्चों के डेसिडुअस दांतों के लिए विभिन्न नंबरिंग सिस्टम्स का उपयोग किया जाता है।

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